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Use of Pastle Colours / पैस्टल्स के उपयोग

पैस्टल्स के उपयोग : सरल रूप से देखा जाये तो पैस्टल्स भिन्न तरह से  (Stitched pigments) अनुबद्ध रंजकों की स्टिक्स हैं। उनको कागज़ पर उपयोग करके “पेंटिंग” बनाते हैं। परंतु पैस्टल्स से पेंट करने की खास तकनीक होती है जो पारंपरिक पेंटिंग से भिन्न है। 

paagalbaba.comसब पैस्टल्स के एक से गुण नहीं होते हैं। इसलिए पैस्टल्स के साथ पेंट करने के लिए आपको उनके गुणों और उनके साथ उपयोग करे जाने वाले भिन्न प्रकार के कागज़ो के बारे में मालूम होना चाहिए।

पैस्टल्स कई रूप के होते हैं जैसे ऑयल पैस्टल्स, हार्ड पैस्टल्स, सॉफ्ट पैस्टल्स, और पैस्टल्स पेंसिल्स। उन सब के विशिष्ट गुण होते हैं।

ऑयल पैस्टल्स में मोम और अक्रिय तेल भी होता है।

भिन्न संरचना और वजन वाले पैस्टल पेपर मिलते हैं। वे अक्सर ऐक्रेलिक और वॉटर कलर पेंटिंग के लिए उपयोग करे जाने वाले कागज़ से ज्यादा खुरदरे होते हैं।क्योंकि पैस्टल को एकदम बराबर सतह पर चिपकना नहीं पसंद है।

पैस्टल पेपर भिन्न रंगों में मिलते हैं। अपने रंग के घनत्व और परिपूर्णता की वजह से पैस्टल्स रंगीन कागज़ पर बहुत अच्छा काम करते हैं।

 

 

 

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पैस्टल्स पेपर को कभी कभी “लेड” इफ्फेक्ट (laid effect) के साथ बनाते हैं। अर्थात उसके एक ओर का ग्रेन पास पास पंक्तियों से बना होता है और कागज़ की दूसरी ओर की सतह हलकी सी चित्तीदार होती है। एक प्रकार का पैस्टल पेंटिंग करने का कागज़ कार्बरंडम (गीला और सूखा) या मोटे रेगमाल के समान होता है। ये सब प्रयोग करने के लिए मज़ेदार कागज़ हैं।

 

 

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सॉफ्ट पैस्टल्स, हार्ड पैस्टल्स और पैस्टल पेन्सिल्स को एक दूसरे की जगह नहीं उपयोग कर सकते हैं पर एक पेंटिंग में उनको साथ में इस्तेमाल करना संभव है। पर ऑयल पैस्टल्स को अन्य प्रकार के पैस्टल्स के साथ मिलाना या ब्लेंड करना मुश्किल हो सकता है। पैस्टल्स खरीदते समय इस बात का ध्यान रखें।

 

अगर आप अलग कागज़ के टुकड़े इस्तेमाल कर रहे हैं तो उनको मास्किंग टेप से नीचे चिपकाएं ताकि आपको उसे सही जगह पर पकड़ कर न रखना पड़े, और आप आसानी से काम कर सकें।

पैस्टल पेपर का “टूथ” (tooth) जाँचें। “टूथ” बताता है कि कागज़ कितना पैस्टल पिगमेंट ले सकता है। ज्यादा टूथ वाला कागज़ ज्यादा पर पैस्टल को कागज़ पर लगने देता है। कई परतें पेंट करने के लिए ज्यादा बराबर या स्मूथ कागज़ इस्तेमाल करना मुश्किल है।

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कागज़ के रंग किस प्रकार आपकी पेंटिंग के भाव या मूड पर असर डालते हैं, यह सीखें। गहरे लाल रंग का कागज़ आकर्षक चमक देता है और हलके रंगों के कागज़ ज्यादा नरम, दबा हुआ असर डालते हैं।

पहले सामान्य फिगर्स, चीजें और बिल्डिंग्स बनायें। इस समय आप तय करें कि आपकी ड्रॉइंग में प्रत्येक मुख्य तत्त्व या मेजर एलिमेंट किस जगह पर होगा।

अपनी स्केच को देखकर एक मुख्य रंग चुनें जिससे आप पेंटिंग की सबसे बड़ी जगह को भरेंगे।

सबसे पहले बहुत हलके से पेंट करके आकार और रूप बनायें (block in)। यह पक्का कर लें कि चित्र में सब ठीक से बना है फिर गहरी और निश्चित रेखाएं बनायें।

एक जगह का रंग हलका रखने के लिए, वहाँ पर पहले सफेद पैस्टल लगायें फिर रंग लगायें। अगर रंग फिर भी गहरा हो तो उसे एक स्क्रेपर से खुरचें और फिर पेंट करें।

अपनी पिक्चर या डिज़ाइन को ब्लॉक करने के बाद ज्यादा भारी और गहरे स्ट्रोक्स से भरें।

सही दिशा में रंग के छोटे छोटे स्वर्ल्स बनायें और रैंडम पेंटिंग स्ट्रोक्स बनायें।

रंगों को मिलाएं और एक पेस्टल पेंसिल से स्ट्रोक्स बनाकर विस्तृत संरचना बनायें।

इस प्रकार आपकी पेंटिंग परिसज्जित हो जाएगी और देखने में बहुत अच्छी लगेगी।

paagalbaba.comब्लेंडर की नोक से जरा सा पैस्टल लगाकर रंग का बारीक विवरण बनायें। पैस्टल पेंसिल की जगह एक बारीक उपकरण इस्तेमाल करके आप छोटे विवरण, जैसे आँखों की रौशनी, ज्यादा आसानी से दिखा सकते हैं।

 

गोल वाइट इरेज़र से ब्लेंड करके किनारों को सौम्य बनायें। हलके से गोल गोल मलकर रंग को हटायें ताकि रेखाएं फीकी हो जाएँ।

 

 

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ब्लेंड करने के लिए आप फेंकी हुई पैकिंग पीनट्स इस्तेमाल करें। आप अपनी उँगलियों को चोट पहुँचाये बिना इनसे हलके से रंगों को ब्लेंड कर सकते हैं। पैकिंग पेलेट (packing pellet) से भी रंगों को ब्लेंड कर सकते हैं। उससे कागज़ की खुरदरी सतह से उँगलियों को खरोंच नहीं लगेगी।

पैस्टल्स, पारंपरिक लिक्विड पेंट्स के समान नहीं होते हैं। वे कभी भी छूने पर खराब या ब्लेंड हो सकते हैं। इसे रोकने के लिए आप स्थानीय आर्ट सप्लाई स्टोर से एक फिक्सेटिव खरीद कर लगा सकते हैं।

 

इसकी जगह आप अपनी पैस्टल पेंटिंग को काँच के नीचे एक फ्रेम में लगा सकते हैं। इस प्रकार आपकी पेंटिंग सुरक्षित रहेगी और गलती से खराब नहीं होगी।

पेंटिंग बनाने के बाद अगर आप उसमें और रेखाएं बनाना चाहें तो उसे एक या दो दिन सख्त हो जाने दें, फिर रेखाएं बनायें। पैस्टल्स कभी भी पूरी तरह से नहीं सूखते हैं पर समय के साथ सख्त हो जाते हैं और उनके ब्लेंड होने की कम संभावना होती है।

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Dipankar Basu Biswas is a freelance Author of Jalpaiguri, West Bengal .

 

 

 

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15 thoughts on “Use of Pastle Colours / पैस्टल्स के उपयोग

    1. thank you Nitesh Gupta ji. Your appreciation encourage me to write more. Recently an article will be published on Yogi mara Cave painting. Hope will enjoy it

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